Love-Real & Imaginary

कहना था कि….

दिल कागज़ी है तुम्हारा.. तुम थाम लो हाथ मेरा। फिर उड़ो.. रुको... देखो, वो घर सजा तुम्हारे ख्वाबों में और मयस्सर करो बन्द अल्फाज़ तुम्हारे, जश्न मनाये ये रूह जिस्म लिबासों में। बयां कर न सको तो देखो... चाह भर के मेरी आँखों में। सदियों से दबी आरजू हो या अभी-अभी याद आई कोई शिकायत,… Continue reading कहना था कि….

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Love-Real & Imaginary

You : An unauthorised creator

You walked on the road to my heart and left. You made it lonely and silent. You made it, more beautiful to draw a scenario for painting exhibition. You made it, more fearful to drive on a highway under construction. You made it, more echoed to hear on cold evenings in old mansion. You made… Continue reading You : An unauthorised creator

Dimension of Life.

रचनायें

जब रचनायें बोलती हैं.. वह सत्य जो तुमने अश्रु घूँट के साथ निगल लिया था, उस समय तुम खुद को, एक पाप करने से फिर रोक लेते हो। रचनायें रहती हैं..जब तुम्हारे पास कोई नही होता, तुम्हारा दु:ख बाँटने वाला, उस समय तुम खुद को, अकेला कहने से फिर रोक लेते हो। रचनायें उमड़ती हैं..जब… Continue reading रचनायें

Dimension of Life.

जीवन रक्षक प्रणाली

साँसे घुटने लगी थी... वह मृत्यु के करीब था। तभी उसकी कलम से एक शब्द निकला, आशायें उमड़ पड़ी। वह अब भी बच सकता है। कुछ क्षण! एक वाक्य बना, अश्रु निकल पड़े। कुछ अलंकारों का प्रयोग हुआ, मानों सूखे अधरों पर मीठा जल। एक रस में खण्ड का निर्माण हुआ, जैसे मण्डप पर बैठी… Continue reading जीवन रक्षक प्रणाली