Awards, Memories

The last fat poem

At 13 my grandmother told me to eat a lot cause I was loosing my weight. I swallowed her words through my ears. At 15 I was told to not wear a short skirt by pados wali Aunty and all her words get stuck to my thighs. I never realised then how much weight I… Continue reading The last fat poem

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Love-Real & Imaginary

Not a love poem

It's been a year and I still remember our first kiss You said you didn't like that much I still remember you stopped my hand after a few gulp of Oyester shooters saying- Drunk girls create more "drama" than usual Sigh! But you couldn't understand that drunk girls love deeper than the way they love… Continue reading Not a love poem

Dimension of Life.

आसमान भर पीड़ा

ये जो चाँद रातों में आसमान की दूधिया सफेदी देख खुश हो जाते हो तुम, ये सफेदी और कुछ नहीं आसमान की चोट का एक्स-रे है। जिसमें अनन्त टूटन है, पीड़ा है। आसमान का दर्द कोई नही समझता सिवाय उसके जिसके हृदय पर आघातें हैं, चोट है, टूटन है। आसमान और वो दोनों अपनी पीड़ा… Continue reading आसमान भर पीड़ा

Dimension of Life.

पृथ्वी की नाक और चिट्ठी

बिस्तर के कोने पर चुपचाप पड़ी देह गर्म हो चली थी, किन्तु आत्मा अब भी ठंडी थी कानों में फुसफुसाता हुआ कोई हैलेलूय! हैलेलूय! हैलेलूय! और छाती पर मंडराती हुई नीली तितली। बताओ कब देखा तुमने पृथ्वी को हँसते हुए आखिरी बार? गर्भ में पल रहे शिशु को आॅक्सीजन नही पहुँच रहा। पृथ्वी की नाक… Continue reading पृथ्वी की नाक और चिट्ठी

Dimension of Life.

स्त्री और पहाड़

एक व्यक्ति है छाती पर पहाड़ टिकाये पड़ा है कोई नही आता पहाड़ काटने पहाड़ भी जस का तस है बरसों से कोई झरना भी न गुजरा बस एक सूना आसमान है जो अक्सर रंग बदलता है एक चिड़िया है पर वो गाती नही अब व्यक्ति है, पहाड़ है आसमान है, चिड़िया है, सब एक… Continue reading स्त्री और पहाड़

Dimension of Life.

मरी हुई कविता

सामने मरे हुए व्यक्ति कभी साहस नही करते उठने का किन्तु सामने मरी हुई कविता बार-बार उठ कर बैठ जाती है। कभी करवट बदलने पर, कभी तकिये के बगल चश्मा टटोलो तो। सामने मरी हुई कविता, कभी विनती नही करती कि तुम उसको कुछ अलंकार दे दो, क्योंकि मरी हुई कविता को भामह ने खुद… Continue reading मरी हुई कविता